मेरा दृढ़ विश्वास है कि एक स्वस्थ समाज का निर्माण मूल्यहीन राजनीति से नहीं किया जा सकता है। राजनीति मूल्यों से प्रेरित होनी चाहिए जिससे वैसा ही प्रभाव पढ़े। मैं लोकतांत्रिक रूप से निर्णय लेने, आर्थिक और सामाजिक न्याय और अपने सभी राजनीतिक प्रयासों में पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध हूँ।
सभी को आधारभूत आवश्यकताएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करना मेरे लिए वह मूल्य है जो मेरे हृदय के बहुत करीब है। उपर्युक्त मूल्यों का स्वतंत्रता, समानता और न्याय की दृष्टि से अत्यधिक महत्व है जिससे सभी के लिए सम्मानजनक और संतुष्टि भरा जीवन सुनिश्चित किया जा सकता है। इन मूल्यों के प्रति मेरी प्रतिबद्धता सदैव अटल रहेगी।
लोगों को प्रत्युत्तरात्मक प्रशासन उपलब्ध कराने के लिए लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्थान है। लोकतंत्र तभी जीवित रह सकता है जब उसमें लोगों की सुविज्ञ और सक्रिय भागीदारी होती है। लोकतांत्रिक निर्णय लेने के लिए मेरी प्रतिबद्धता इन तथ्यों को साकार करने के लिए होगी।
गांधीजी ने कहा था कि निर्धनता हिंसा का सबसे अधिक निकृष्ट रूप है। निर्धनता की हिंसा से पीड़ित प्रत्येक व्यक्ति हमारे समाज की नैतिकता के लिए प्रहार के समान है। मेरा विश्वास है कि गरीबी उन्मूलन आर्थिक न्याय सुनिश्चित करने का मूल मंत्र है। बंधुआ मजदूरी, व्यथित पलायन जैसे आर्थिक अन्याय से लड़ना भी महत्वपूर्ण है।
हमारे समाज में सामाजिक अन्याय और असमानता व्याप्त है। जाति के आधार पर भेदभाव, स्त्री-पुरूष के बीच असमानता आदि जैसी सामाजिक बुराईयां व्यक्ति के सम्मानजनक जीवन जीने के अधिकार पर कुठाराघात कर रही हैं। सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए इन मुद्दों से निपटना मेरे लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण कार्य होगा।
भ्रष्टाचार ने हमारे देश को प्लेग की भांति जकड़ रखा है। भारत और राजस्थान महानता का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं यदि भ्रष्टाचार का उन्मूलन किया जाए। ऐसे में समाज को भ्रष्टाचार से मुक्त करने का एकमात्र उपाय शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। इसे पूर्णतः साकार करने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेह शासन वे मूल्य हैं जिनके प्रति मैं स्पष्टतः प्रतिबद्ध हूँ।
पानी, बिजली, स्वास्थ्य देखरेख और कल्याणकारी लाभ ऐसी मूलभूत सुविधाएं हैं जिनकी उपलब्धता सम्मानजनक जीवन के लिए अनिवार्य हैं। राजय के प्रत्येक नागरिक के लिए ये आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना मेरे लिए एक आस्था है।



