मोदी सरकार द्वारा लगातार पत्रकारों पर हो रहे अत्याचारों का एक नया उदाहरण सामने आया है | बाड़मेर के पत्रकार दुर्ग सिंह जी राजपुरोहित पर गलत मामला दर्ज करके फसाया जा रहा है , बाड़मेर पुलिस प्रशासन ने उन्हें गिरफ्तार कर पटना पुलिस को सौंप दिया , जिसका कारण है कि पटना के किसी शख्स ने दुर्ग सिंह जी द्वारा उस शख्स के साथ मार-पीट करने का आरोप लगाया | जबकि दुर्ग सिंह जी का कहना है कि वे कभी बिहार गए ही नहीं तो फिर वो पटना जाकर किसी के साथ मारपीट कैसे कर सकते हैं | कानून का फायदा उठाकर उन्हें सिर्फ राजनैतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है | इस गिरफ्तारी ने जनता के मन में संशय की स्थिति पैदा कर दी है | मेरा मानना है कि बाड़मेर पुलिस प्रशासन को इस प्रकरण की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि जनता हकीकत से रूबरू हो सके| दोस्तों में शुरू कहता आ रहा हूँ कि वर्तमान सरकार अपनी सारी मर्यादा तोड़ चुकी है , चाहे वे प्रधानमंत्री पद की गरिमा हो , मुख्यमंत्री पद की या राज्यपाल पद की गरिमा हो | लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के पत्रकार को किस तरह सिर्फ एक न्यूज़ छापने के चक्कर में झूठे मामले में फसाया जा रहा है , ये इसका ताजा उदाहरण है | मेरा निवेदन है मेरे भारतवासियो , बाहर निकलो और देश के लोकतंत्र पर लगातार हो रहे हमलो से देश को बचा लो | जब सुप्रीम कोर्ट के चार बड़े जज कह चुके है कि लोकतंत्र खतरे में है , तो आप इन घटनाओ के उदाहरण से मान सकते हो कि वाकई में देश का लोकतंत्र खतरे में है | आओ , भाजपा को हटाए व् देश को बचाए |


