युगपुरुष स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन....
स्वामी जी का आह्वान था 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक कि मंजिल प्राप्त न हो जाए' उनका यह आह्वान आज भी प्रासंगिक है और सदैव रहेगा। उस जमाने में विवेकानंद ने भारत का मान-सम्मान बढ़ाया तथा अपनी अमिट छाप छोड़ी।
हम सभी स्वामी जी के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लें और सामजिक कुरीतियों को दूर करने में आगे आकर अपनी शक्ति लगाएं।
स्वामी जी का आह्वान था 'उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक कि मंजिल प्राप्त न हो जाए' उनका यह आह्वान आज भी प्रासंगिक है और सदैव रहेगा। उस जमाने में विवेकानंद ने भारत का मान-सम्मान बढ़ाया तथा अपनी अमिट छाप छोड़ी।
हम सभी स्वामी जी के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लें और सामजिक कुरीतियों को दूर करने में आगे आकर अपनी शक्ति लगाएं।


